योगी सरकार का शहरी पेयजल पर फोकस, 984 नलकूप और 220 जलाशयों का निर्माण पूर - Seva Bharat Times

योगी सरकार का शहरी पेयजल पर फोकस, 984 नलकूप और 220 जलाशयों का निर्माण पूर

अमृत 2.0 के तहत 27.49 लाख घरों तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य, 984 नलकूप और 220 जलाशयों का निर्माण भी पूरा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत पेयजल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। योजना के अंतर्गत पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार, नए नलकूपों के निर्माण तथा ओवरहेड और भूमिगत जलाशयों की स्थापना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी परिवारों तक पेयजल की पहुंच बढ़ाने के साथ ही भविष्य की जरूरतों के अनुरूप जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करना है।

27.49 लाख घरों तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य

अमृत 2.0 के तहत प्रदेश में 27.49 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे करीब 137.45 लाख लोगों को लाभान्वित करने की योजना है। पेयजल वितरण नेटवर्क के लिए कुल 25,302.80 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 17,431 किलोमीटर पाइपलाइन का निर्माण पूरा हो चुका है।

यह प्रगति शहरी क्षेत्रों में पेयजल वितरण प्रणाली के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पाइपलाइन नेटवर्क विकसित होने से अधिक से अधिक परिवारों को व्यवस्थित जलापूर्ति से जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार हो रहा है।

984 नलकूपों का निर्माण पूरा

शहरी क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए योजना के तहत 1,950 नए नलकूपों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 984 नलकूपों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन परियोजनाओं के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में जलापूर्ति की जरूरतों को पूरा करने और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

196 ओवरहेड और 24 भूमिगत जलाशय तैयार

जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए भी अमृत 2.0 के तहत कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में प्रस्तावित 802 ओवरहेड जलाशयों में से 196 का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 197 भूमिगत जलाशयों में से 24 का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

ओवरहेड और भूमिगत जलाशय शहरी क्षेत्रों में पानी के भंडारण और जरूरत के अनुसार उसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके निर्माण से जल वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने और विभिन्न क्षेत्रों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।

समयसीमा में परियोजनाएं पूरी करने पर जोर

योगी सरकार की प्राथमिकता शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से पेयजल नेटवर्क के विस्तार, नलकूपों के निर्माण और जलाशयों से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।

परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी जल निगम नगरीय द्वारा की जा रही है, ताकि निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जा सके। अमृत 2.0 के तहत चल रहे इन प्रयासों से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

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