???? देहरादून। उत्तराखंड में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। सचिवालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर बड़ा एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
???? क्या हैं मुख्य फैसले?
➡️ कम्पलीट मैकेनिज्म तैयार होगा
प्रदेशभर में ठोस अपशिष्ट (Solid Waste) के प्रभावी प्रबंधन के लिए जल्द ही एक व्यापक कार्ययोजना बनाई जाएगी।
➡️ चारधाम यात्रा पर खास फोकस
चारधाम यात्रा मार्गों और जिलों के प्रवेश द्वारों पर सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त फंड जारी करने के निर्देश।
जिलाधिकारियों को साफ-सफाई बनाए रखने की सख्त हिदायत।
➡️ STP के पानी का 100% उपयोग
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से निकलने वाले पानी का गैर-पेयजल कार्यों (जैसे सिंचाई, सफाई) में पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने का आदेश।
➡️ वेस्ट टू एनर्जी और CBG प्लांट्स पर जोर
राज्य में चल रहे कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा कर संचालन शुरू करने के निर्देश।
➡️ कूड़ा उठान पर डिजिटल निगरानी
डोर-टू-डोर कचरा उठान की मॉनिटरिंग के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम जल्द लागू किया जाएगा।
???? साफ संदेश
मुख्य सचिव ने साफ कहा कि स्वच्छता से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स में तेजी और पारदर्शिता जरूरी है, और दिए गए फंड का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
???? बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, रणवीर सिंह चौहान, डॉ. अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
✍️ निष्कर्ष:
उत्तराखंड में अब स्वच्छता मिशन को सिर्फ अभियान नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और सख्त मॉनिटरिंग के साथ मिशन मोड में लागू किया जाएगा — खासकर चारधाम यात्रा से पहले यह तैयारी बेहद अहम मानी जा रही है।