???? देहरादून/ विशेष रिपोर्ट। देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल के मंच पर आज भावनाओं, मासूमियत और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब आसरा ट्रस्ट के बच्चों ने ‘नीली छतरी’ नामक संगीतात्मक नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल छू लिया।
प्रसिद्ध लेखक रस्किन बॉन्ड की कालजयी रचना “The Blue Umbrella” से प्रेरित इस नाटक ने दर्शकों को एक सरल लेकिन गहरी संवेदनाओं से भरी दुनिया में पहुंचा दिया, जहाँ एक छोटी सी छतरी जीवन की बड़ी कहानी बन जाती है।
???? भावनाओं से भरपूर प्रस्तुति
दून इंटरनेशनल स्कूल, रिवरसाइड कैंपस में आयोजित इस नाटक में संगीत, अभिनय और अभिव्यक्ति का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। बच्चों की सजीव प्रस्तुति ने कहानी की आत्मा को इस तरह जीवंत किया कि दर्शक भावुक हुए बिना नहीं रह सके।
???? युवा प्रतिभाओं को मिला मंच
यह मंचन आसरा ट्रस्ट के बच्चों द्वारा अधवन नाट्यशाला के सहयोग से किया गया। इस पहल ने न केवल बच्चों की प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि यह भी साबित किया कि थिएटर सीखने और अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है।
???? बड़ी घोषणा भी हुई
कार्यक्रम के दौरान साहित्य प्रेमियों के लिए एक खास ऐलान किया गया—
???? देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल 2026 का आयोजन 27, 28 और 29 नवम्बर 2026 को होगा।
इस वर्ष की थीम रहेगी:
✨ “Voices of Tomorrow: Life, Literature and Legacy”
???? साहित्य और रचनात्मकता को बढ़ावा
यह कार्यक्रम रस्किन बॉन्ड फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया, जो साहित्यिक उत्कृष्टता और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
????️ संस्थापक का बयान
फेस्टिवल के संस्थापक समरांत विरमानी ने कहा कि ‘नीली छतरी’ के माध्यम से बच्चों ने कहानी में एक नई भावनात्मक गहराई जोड़ दी है, जो दर्शकों के दिलों को छूती है। उन्होंने यह भी कहा कि फेस्टिवल का उद्देश्य ऐसा मंच देना है जहाँ साहित्य को सिर्फ पढ़ा ही नहीं, बल्कि महसूस भी किया जा सके।
???? ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में एच.एस. मान, समरांत विरमानी, सिद्धार्थ बॉन्ड, आसरा ट्रस्ट के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएँ और शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
✨ निष्कर्ष:
‘नीली छतरी’ सिर्फ एक नाटक नहीं, बल्कि संवेदनाओं की वह यात्रा रही जिसने यह साबित कर दिया कि जब मासूमियत और कला साथ आते हैं, तो हर दिल तक रास्ता बन जाता है।