देहरादून। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रेखा आर्य ने राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु के बाद भी उसके नाम पर राशन लेने और समय पर नाम न कटवाने वालों के खिलाफ राशन की रिकवरी के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों और राशन विक्रेताओं के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्डों के लिए निर्धारित आय मानक पुराने हो चुके हैं। इन्हें वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित करने के लिए विशेष समिति गठित कर जिला पूर्ति अधिकारियों को समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में राशन विक्रेताओं को बड़ी राहत देते हुए मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से 39 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हो चुका है और नवंबर माह से लंबित लाभांश का भुगतान एक सप्ताह के भीतर कर दिया जाएगा। साथ ही लाभांश राशि को 50 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये करने का प्रस्ताव भी जल्द कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा।
रेखा आर्य ने कहा कि राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए 30 जून तक सभी मैन्युअल रजिस्टर समाप्त कर ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जाएगी। नए सॉफ्टवेयर के संचालन के लिए अधिकारियों और निरीक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
चारधाम यात्रा के मद्देनजर सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को अगले तीन माह का राशन अग्रिम रूप से दुकानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा राशन विक्रेताओं के लिए बीमा सुविधा शुरू करने की दिशा में भी विभाग कार्य कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पात्र व्यक्तियों तक राशन पहुंचाना है और इसके लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं राशन डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।