मीरजापुर में शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव सम्मेलन को किया संबोधित, भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपील
मीरजापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए उसे विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान में सबसे बड़ी बाधा करार दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से जनता की आधी से अधिक समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल जाता है, जबकि गलत प्रतिनिधि विकास की राह में अवरोध पैदा करता है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने जनता से ऐसे लोगों को चुनाव में समर्थन न देने की अपील की।
मुख्यमंत्री गुरुवार को मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के पक्ष में मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भाग लेने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि शिक्षकों एवं स्नातकों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाएगी।
पीडीए के नारे पर सपा को घेरा, परिवारवाद का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के नारे पर सवाल उठाते हुए परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा की राजनीतिक प्राथमिकताएं सामने आ गईं। उनके मुताबिक, पार्टी ने अपने प्रत्याशियों के चयन में परिवार और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को प्राथमिकता दी।
सीएम योगी ने भाजपा का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी ने आठ प्रत्याशियों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को अवसर दिया और सभी आठ प्रत्याशी चुनाव जीत गए। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर परिवार केंद्रित राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब विकास और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने सपा के शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लोगों के कार्यकाल में माफिया का प्रभाव होने के आरोप लगते रहे, वे आज कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं थी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार जनता के साथ खड़ी है और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि सपा सरकार के दौरान सरकारी नौकरियों में पक्षपात और भाई-भतीजावाद के आरोप लगते रहे। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इसके अतिरिक्त 65 लाख लोगों को रोजगार मिला है, जबकि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टार्टअप और उद्यमिता के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
चुनाव के बाद फिर शुरू होगा टैबलेट वितरण
युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान परिषद चुनाव के बाद बड़े कार्यक्रमों के माध्यम से स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार, अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत नीट, आईआईटी-जेईई और यूपीएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य कवर और सामाजिक सुरक्षा
शिक्षा एवं शिक्षक कल्याण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों से जुड़े करीब 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया है। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख रुपये से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मीरजापुर मंडल में मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालयों का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालयों की कमी थी। उन्होंने दावा किया कि अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय की शुरुआत से क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक और आस्था के केंद्रों को विकास तथा आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का काम कर रही है। प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है।
मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर से श्रद्धालुओं को सुविधाएं
मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिली हैं। उन्होंने दावा किया कि अब प्रतिदिन करीब दो लाख श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर पा रहे हैं। गंगा किनारे पक्के घाटों के निर्माण से भी श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और संबंधित विकास कार्यों तथा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा भी की।
नंद गोपाल गुप्ता नंदी बोले- बदली उत्तर प्रदेश की पहचान
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की छवि में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान माफिया से जोड़कर देखी जाती थी, जबकि अब एक जिला एक उत्पाद योजना और औद्योगिक विकास के माध्यम से नई पहचान बन रही है।
उन्होंने दावा किया कि विकास अब कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों और गांवों में विकास कार्यों को गति मिली है।
निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था सरकार की पहचान: आशीष पटेल
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सरकार के कार्यों पर जनता की प्रतिक्रिया व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने पुलिस और होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था सरकार की पहचान है।
सम्मेलन में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, सांसद डॉ. विनोद बिंद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्नातक मतदाता मौजूद रहे।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपील करते हुए कहा कि शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान तथा प्रदेश में विकास की गति बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।