शिक्षा मंत्री से मुलाकात बेनतीजा नहीं, लेकिन मांगों के समाधान तक नहीं रुकेगा शिक्षक आंदोलन।

देहरादून। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार, 13 जून 2026 को शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से विभिन्न लंबित मांगों को लेकर महत्वपूर्ण वार्ता की। संघ के प्रस्तावित 22 जून के सचिवालय कूच से पूर्व मंत्री की पहल पर हुई इस बैठक में TET की अनिवार्यता, पुरानी पेंशन बहाली, स्थानांतरण नीति तथा औपबंधिक शिक्षकों को TET में छूट सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य दिगम्बर सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष चमोली, विनोद रतूड़ी (उत्तरकाशी), कार्यक्रम संयोजक एवं जिलाध्यक्ष देहरादून धर्मेन्द्र सिंह रावत, जिला मंत्री उत्तरकाशी जनक सिंह बिष्ट, जिलामंत्री टिहरी बिजेंद्र सिंह पंवार, जिला मीडिया प्रभारी चमोली विनोद देवली, संगठन मंत्री चमोली करन सिंह नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष डुंडा सतीश चंद रमोला तथा ब्लॉक मंत्री डोईवाला सिद्धार्थ शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

संघ के प्रतिनिधियों ने वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त समस्त प्राथमिक शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता लागू किए जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए इसे शिक्षकों के हितों के प्रतिकूल बताया। इसके साथ ही वर्ष 2005 से पूर्व विज्ञापित एवं अधिसूचित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के दायरे में लाने, धारा 23 एवं 27 के तहत स्थानांतरण करने, वार्षिक समायोजन लागू करने तथा स्टेट काउंसिलिंग से नियुक्त शिक्षकों को तीन वर्ष की सेवा के बाद गृह जनपद में वन टाइम रिलैक्सेशन के आधार पर स्थानांतरण का अवसर देने की मांग भी उठाई गई।

वार्ता के दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि TET प्रकरण के समाधान के लिए वह स्वयं केंद्रीय शिक्षा मंत्री से वार्ता करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राथमिक शिक्षकों की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और TET जैसे संवेदनशील विषय पर विभागीय स्तर पर लगातार मंथन चल रहा है। मंत्री ने प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संरक्षणात्मक व्यवस्था लागू करने के प्रयास भी जारी होने की बात कही।

हालांकि, प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक वर्ष 2017 में किए गए RTE अधिनियम संशोधन को निरस्त नहीं किया जाता अथवा राज्य सरकार इस मामले में कोई विधिसम्मत एवं स्थायी समाधान नहीं निकालती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने घोषणा की कि 22 जून 2026 को प्रस्तावित सचिवालय कूच का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित रूप से आयोजित किया जाएगा।

संघ का कहना है कि शिक्षकों के अधिकारों और सेवा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर निर्णायक समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा। यह आंदोलन आने वाले दिनों में राज्य के शिक्षा महकमे में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *