???? खबर (सेवा भारत टाइम्स):
देहरादून। उत्तराखंड में अवसंरचनात्मक विकास को तेज़ी देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा एक्शन लिया है। बुधवार को उत्तराखंड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की चौथी बैठक में सीएम ने राज्य की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए साफ निर्देश दिए कि हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के कार्यों में तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अगले 6 महीनों में इन परियोजनाओं की जमीनी प्रगति स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिए। इसके लिए हर परियोजना की टाइमलाइन तय कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सीएम धामी ने कहा कि यूआईआईडीबी का मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और मजबूत आधारभूत संरचना तैयार करना है। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय, जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ काम करने के निर्देश दिए, साथ ही प्रक्रियात्मक जटिलताओं को खत्म कर कार्यों को सरल बनाने पर भी जोर दिया।
???? शारदा कॉरिडोर पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने शारदा कॉरिडोर के तहत भूमि उपलब्धता और भूस्खलन की संवेदनशीलता का वैज्ञानिक अध्ययन कर सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही शारदा नदी के किनारे रिवरफ्रंट और घाटों के सौंदर्यीकरण से पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।
???? कुंभ को लेकर बड़ी तैयारी
आगामी हरिद्वार कुंभ को ध्यान में रखते हुए सीएम ने गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा की स्वच्छता, घाटों के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार पर प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए।
???? पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा और शारदा कॉरिडोर परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना है। दोनों परियोजनाओं के लिए अलग-अलग डिजाइन पर काम किया जाएगा।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
???? निष्कर्ष:
सीएम धामी के सख्त निर्देशों के बाद अब उत्तराखंड की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है। अगर तय समयसीमा में काम पूरा होता है, तो राज्य निवेश और पर्यटन के नए हब के रूप में उभर सकता है।