योगी सरकार का बिजली व्यवस्था सुधारने पर बड़ा जोर, गलत बिलिंग पर तय होगी जिम्मेदारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए योगी सरकार ने निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है। राजस्व वसूली में सुधार, बिजली की लाइन हानि कम करने और उपभोक्ताओं को सही बिल उपलब्ध कराने के लिए वितरण निगमों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने वितरण निगमों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व संग्रह, केवाईपी अभियान, बिलिंग व्यवस्था, स्मार्ट मीटर स्थापना, विद्युत परिवर्तकों की क्षतिग्रस्तता और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। वहीं, सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक और संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
गलत बिजली बिलों पर सख्ती, हर सप्ताह होगी जांच
यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं को सही और समय पर बिजली बिल उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गलत बिल मिलने पर तत्काल सुधार किया जाए और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो।
बिल संशोधन की प्रक्रिया में अनियमितताओं को रोकने के लिए सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को प्रत्येक सप्ताह 7 से 10 उपभोक्ताओं के बिजली बिलों की रैंडम जांच करने को कहा गया है। लंबित बिल संशोधन मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
राजस्व वसूली बढ़ाने और लाइन लॉस घटाने पर फोकस
बैठक में बिजली वितरण निगमों की राजस्व प्राप्ति और विद्युत हानियों की स्थिति की समीक्षा करते हुए रणवीर प्रसाद ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा। पांच रुपये से कम थ्रू रेट वाले फीडरों की विस्तृत समीक्षा करने और सर्वाधिक लाइन हानि वाले 10 पोषकों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सहारनपुर में 1.71 रुपये के थ्रू रेट पर असंतोष जताते हुए प्रदर्शन में सुधार करने को कहा गया। वहीं, मुरादाबाद में राजस्व प्राप्ति कम होने पर संबंधित अधिकारियों को वसूली बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
बकायेदारों को नोटिस, वसूली के लिए बढ़ेगी निगरानी
बिजली बिलों के बकाया भुगतान की वसूली के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बकायेदार उपभोक्ताओं के संबंध में ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर जानकारी दी जाए।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के गोला और नवाबगंज, गोंडा क्षेत्रों में बिलों की जांच करने तथा 10 बड़े बकायेदारों को चिह्नित कर नियमानुसार नोटिस जारी करने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। इसका उद्देश्य बकाया राजस्व की वसूली में तेजी लाना और वितरण व्यवस्था को आर्थिक रूप से मजबूत करना है।
बिजली के परिवर्तकों की सुरक्षा पर भी जोर
बैठक में विद्युत परिवर्तकों की क्षतिग्रस्तता कम करने के लिए तकनीकी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से 100 केवीए से कम क्षमता वाले परिवर्तकों पर फ्यूज सेट लगाने का कार्य तेज करने को कहा गया, ताकि उपकरणों की सुरक्षा बेहतर हो और बिजली आपूर्ति में बाधाएं कम की जा सकें।
इसके साथ ही बिजनेस प्लान 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के तहत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। एमबी, ईआरपी क्लोजर और अंतिम भुगतान से संबंधित लंबित मामलों को समयसीमा के भीतर निस्तारित करने के निर्देश भी दिए गए।
उपभोक्ता सेवाओं में सुधार पर सरकार का जोर
रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बिजली वितरण व्यवस्था में राजस्व वृद्धि, विद्युत हानियों में कमी, सही बिलिंग और शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना सभी वितरण निगमों की जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित निगरानी, जवाबदेही और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप परिणाम देना आवश्यक है।
सरकार की इस पहल से बिजली बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने, बकाया राजस्व की वसूली में सुधार लाने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। अब वितरण निगमों के अधिकारियों के कामकाज और निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति पर नियमित निगरानी की जाएगी।