सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने में तेजी, भू कानून उल्लंघन पर जमीन होगी सरकार में निहित
देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा स्थित निजी आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर कानून व्यवस्था, भू-अतिक्रमण, मानसून तैयारियों और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर कब्जों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाए तथा भू कानून का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित जमीन को तत्काल राज्य सरकार में निहित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने ग्राम सभाओं की सरकारी भूमि की विशेष जांच कराने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में बाहरी लोगों द्वारा नियम विरुद्ध खरीदी गई जमीनों की भी त्वरित जांच की जाए। उन्होंने शत्रु संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने तथा वक्फ संपत्तियों के विवरण की “उम्मीद पोर्टल” पर नियमित समीक्षा और सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों से आए लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन अभियान को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही जनसेवा केंद्रों की जांच कर फर्जी राशन कार्ड के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले अपात्र लोगों को चिन्हित करने को भी कहा।
मानसून की तैयारियों पर मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। पेयजल और बिजली आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि बिजली कटौती आवश्यक हो तो इसकी पूर्व सूचना आम लोगों तक समय रहते पहुंचाई जाए।
चारधाम यात्रा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं से लगातार फीडबैक लेने और व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने मानसखंड यात्रा के तहत कैंची धाम बाईपास निर्माण कार्य को अगले माह तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं कृषि एवं उद्यान विभाग को पॉलीहाउस, एप्पल मिशन और कीवी मिशन जैसी योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जोशीमठ पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और मानसून से पहले आपदा संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।