चम्पावत के विकास को मिली रफ्तार, मुख्यमंत्री धामी ने दी 62.97 करोड़ की 50 योजनाओं की सौगात

चम्पावत। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर चम्पावत के रामलीला मैदान धूरा में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव-2026’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिले के विकास को नई गति देने वाली 62.97 करोड़ रुपये की 50 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 11.08 करोड़ रुपये की 20 योजनाओं का लोकार्पण तथा 51.89 करोड़ रुपये की 30 नई योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इन विकास योजनाओं से चम्पावत में सड़क, पेयजल, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और धार्मिक पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई नए निर्माण कार्यों की घोषणाएं भी कीं।

गांव-गांव पहुंचेगा विकास

मुख्यमंत्री द्वारा घोषित कार्यों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्थान धूरा में पेयजल योजना, धूरा से सेतीचैड़-ब्याला तक संपर्क मोटर मार्ग, ग्राम पंचायत ककनई के तोक बूंगा-दुर्गापीपल तक सड़क, भागिना भंडारी में मुख्य सड़क से राजकीय इंटर कॉलेज एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय दयारतोली तक सीसी मार्ग व इंटरलॉकिंग टाइल्स तथा धन एवं बस्तियागूंठ के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण प्रमुख हैं।

इसके अलावा आमोड़ी, भलुवागाड़ी, डोलाकांडा, फुरकियाझाला, छतकोट, बेलखेत, खिरद्वारी, बुडम, झालाकुड़ी, नौलापानी और बस्तियागूंठ के मास्वाड़ तोक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भूकटाव एवं बाढ़ सुरक्षा के लिए वायरक्रेट कार्य कराए जाएंगे।

ग्राम पंचायत पोथ के लदिया नदी पर झूला पुल, दियूरी से चैड़ा तक सड़क का सुधारीकरण एवं डामरीकरण, डांडा ककनई में सिंचाई के लिए नलकूप, सुखीढांग-डांडा-मीनार मोटर मार्ग में हॉटमिक्स तथा बुडम के कठोल में झूला पुल निर्माण भी प्रस्तावित है।

चम्पावत से मिलने वाला अपनापन देता है ऊर्जा’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह अपनी बहनों, माताओं, बेटियों और भांजियों के बीच अपने घर आए हैं। चम्पावत से मिलने वाला प्रेम और अपनापन उन्हें हमेशा नई ऊर्जा देता है। मुख्यमंत्री ने कुमाऊंनी भाषा में मातृशक्ति से संवाद करते हुए रक्षा सूत्र बंधवाया और सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प प्रदेश की प्रत्येक मातृशक्ति को सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। उत्तराखंड की पहचान केवल हिमालयी चोटियों और प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं, बल्कि यहां की मेहनती, साहसी और आत्मनिर्भर महिलाओं से भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल सरकारी योजनाओं का लाभ देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर परिवार और समाज के निर्णयों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

बेटियों की शिक्षा और खेल सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज हॉस्टल, आईटीआई लैब, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान और महिला प्रौद्योगिकी पार्क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए गांव या जनपद से बाहर जाने की मजबूरी न हो।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि लखपति दीदी बनने के बाद प्रदेश की माताएं-बहनें करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ें। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके बेहतर बाजार की व्यवस्था के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

स्थानीय उत्पादों को मिल रहा बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, हिलांस आउटलेट, फूड वैन और ई-रिक्शा जैसे माध्यमों से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिलाओं को केवल रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनने के अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है तो पूरा परिवार आत्मनिर्भर होता है। परिवार से गांव, गांव से समाज और समाज के सशक्त होने से पूरा उत्तराखंड सशक्त एवं समृद्ध बनता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाने के लिए काम कर रही है, जहां किसी बेटी को अवसरों की कमी के कारण पलायन न करना पड़े और चम्पावत की मातृशक्ति विकास की मुख्यधारा में नेतृत्वकर्ता बनकर उभरे।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। बाल विकास विभाग के स्टॉल पर उन्होंने छोटी बच्चियों के साथ केक काटकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया। रक्षाबंधन के अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को मुख्यमंत्री की ओर से उपहार भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, दायित्वधारी श्याम नारायण पाण्डेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

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