देहरादून। दिल्ली प्रवास से लौटते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचे और उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान फंसे ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स के राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की ताजा स्थिति की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि फंसे प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षित वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में विभिन्न जनपदों में फंसे ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स की संख्या, उनकी लोकेशन, अब तक किए गए रेस्क्यू और शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उत्तरकाशी में 136 ट्रैकर्स-माउंटेनियर्स फंसे
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य के विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान कुल 179 ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स के फंसे होने की जानकारी मिली थी। इनमें 136 लोग उत्तरकाशी और 43 लोग बागेश्वर के पिंडारी क्षेत्र में फंसे हुए थे।
उत्तरकाशी में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वहां फंसे 136 लोगों में से 40 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं, 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू कराने से इनकार करते हुए अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई है। शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान सोमवार सुबह 6 बजे से दोबारा शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान ट्रैकर्स, माउंटेनियर्स और पोर्टर्स की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तत्काल व्यवस्था करने और सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
8 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में तैनात
रेस्क्यू अभियान के लिए कुल 8 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध हवाई संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जाए। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए हेली एंबुलेंस को स्टैंडबाय मोड में रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के साथ-साथ उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और ट्रैकर्स की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की वर्तमान व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने चारधाम एवं यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं में लगातार सुधार के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चारधाम सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की पुख्ता और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बढ़ते धार्मिक एवं पर्यटन दबाव को देखते हुए केवल मौजूदा जरूरतों के आधार पर नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक एवं प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए यात्रा और पर्यटन व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ बनाना जरूरी है।
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप सहित आपदा प्रबंधन विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य तथ्य:
- कुल 179 ट्रैकर्स-माउंटेनियर्स फंसे होने की जानकारी
- उत्तरकाशी में 136 और पिंडारी क्षेत्र में 43 लोग
- उत्तरकाशी में 40 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू
- 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू से किया इनकार
- रेस्क्यू के लिए 8 हेलीकॉप्टर तैनात
- हेली एंबुलेंस स्टैंडबाय पर
- चारधाम यात्रा और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की भी समीक्षा