देहरादून। राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत चित्रकला, पेंटिंग, निबंध एवं कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी रचनात्मक सोच, कल्पनाशीलता और प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय पार्षद सोबत चंद्र रमोला की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान बच्चों ने चित्रों और रचनाओं के माध्यम से देश के विकास, स्वच्छता, पर्यावरण, शिक्षा और बेहतर भविष्य जैसे विषयों को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के प्रधानाध्यापक अरविन्द सिंह सोलंकी ने कहा कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नागरिकों के जीवन स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, तकनीक, स्वच्छता, पर्यावरण, आधारभूत संरचना और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में निरंतर सुधार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य के विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी राहुल सेमवाल ने अपनी बात इन पंक्तियों के साथ शुरू की—
“रंगों से सजे सपने, प्रतिभा से सजे अरमान,
बच्चों की मेहनत से रोशन हो अपना हिंदुस्तान।”
उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वहीं, मुख्य अतिथि सोबत चंद्र रमोला ने कहा कि विकसित भारत का सपना सामूहिक प्रयास और एक-दूसरे के सहयोग से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चे वर्ष 2047 के भारत की मुख्य धुरी होंगे। इसलिए बच्चों में शिक्षा के साथ रचनात्मकता, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना जरूरी है।
प्रतियोगिता के विजेता
चित्रकला प्रतियोगिता
- प्रथम — वैष्णवी, कक्षा 5
- द्वितीय — कोमल, कक्षा 4
- तृतीय — प्रिंस, कक्षा 4
- चतुर्थ — याचिका पाल, कक्षा 5
निबंध प्रतियोगिता — कोमल
कविता प्रतियोगिता — अंशिका
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय पार्षद सोबत चंद्र रमोला एवं उपस्थित समाजसेवियों ने प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में समाजसेवी राहुल सेमवाल, अक्षत सकलानी, जगदीश भट्ट, प्रधानाध्यापक अरविन्द सिंह सोलंकी, सहायक अध्यापक मीना घिल्डियाल, मधुलिका, वीरेंद्र उनियाल, भोजन माता लक्ष्मी देवी, विमला देवी सहित अभिभावक एवं विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ रचनात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।