स्वच्छता ही सेवा: ऋषिकेश से पिथौरागढ़ तक बच्चों ने दिया स्वच्छता का संदेश

देहरादून। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत उत्तराखंड के ऋषिकेश, पिथौरागढ़ और टनकपुर में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इन कार्यक्रमों में बच्चों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी समझाने के साथ ही अपशिष्ट को संसाधन में बदलने का संदेश दिया गया।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट पहुंचीं छात्राएं

नगर पालिका परिषद मुनि की रेती-ढालवाला की ओर से पूर्णानन्द पब्लिक स्कूल के 28 छात्र-छात्राओं का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। विद्यार्थियों को स्रोत पर कचरा पृथक्करण से लेकर संग्रहण, छंटाई, पुनर्चक्रण, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की पूरी प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

मुख्य सफाई निरीक्षक नितिन सती और सेनेटरी इंस्पेक्टर कमल सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को चार-धारा कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक प्रबंधन और कचरे से संसाधन निर्माण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने विद्यार्थियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ‘स्वच्छता दूत’ के रूप में तैयार कर “कचरा अलग करो, शहर स्वच्छ करो” का संदेश घर-घर तक पहुंचाना रहा।

टनकपुर में सफाई के साथ पौधरोपण

नगर पालिका परिषद टनकपुर द्वारा नगर क्षेत्र में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान दीन दयाल उपाध्याय पार्क में पौधरोपण कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

वहीं बाजार क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया गया। लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए नगर पालिका की ओर से कपड़े के थैले वितरित किए गए।

पिथौरागढ़ में ‘वेस्ट टू आर्ट’ से रचनात्मक संदेश

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत जी.जी.जी.आई.सी. पिथौरागढ़ में ‘वेस्ट टू आर्ट’ गतिविधि आयोजित की गई। इसमें छात्राओं ने अनुपयोगी एवं अपशिष्ट सामग्री के रचनात्मक उपयोग के जरिए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

छात्राओं ने प्लास्टिक की बोतलों, कागज, कपड़े और अन्य अनुपयोगी सामग्री से विभिन्न प्रकार की आकर्षक एवं उपयोगी सजावटी वस्तुएं तैयार कीं। छात्राओं की रचनात्मकता ने यह संदेश दिया कि सही तरीके से उपयोग करने पर अपशिष्ट सामग्री को भी उपयोगी और आकर्षक वस्तुओं में बदला जा सकता है।

ई-वेस्ट प्रबंधन पर राष्ट्रीय वेबिनार

स्वच्छता ही सेवा 2026 और विशेष अभियान 6.0 की तैयारियों के तहत 16 सितंबर को शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा नई दिल्ली में ठोस अपशिष्ट और ई-कचरा प्रबंधन पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया गया।

इसके साथ ही स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता की घोषणा भी की गई।

इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत बनाने तथा कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

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