17 साल बाद अब मिलेगी चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर को मान्यता - Seva Bharat Times

17 साल बाद अब मिलेगी चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर को मान्यता

राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे हरिद्वार वन प्रभाग में स्थित चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर को 17 साल बाद अब केंद्र से विधिवत मान्यता मिल जाएगी। इस कड़ी में इस सेंटर के मास्टर ले आउट प्लान, मैनेजमेंट प्लान, वन्यजीवों को रखने के लिए बाड़ों के डिजाइन को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से अनुमोदित कराने की कसरत तेज की गई है। राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डा पराग मधुकर धकाते ने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही सीजेडए से अनुमोदन मिल जाएगा। यही नहीं, सेंटर में 11 नए बाड़े बनाने का भी प्रस्ताव है।

घायल व बीमार वन्यजीवों को उपचार देने के उद्देश्य से वर्ष 2005 में चिड़ियापुर में रेस्क्यू सेंटर की स्थापना को प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दी। इसके बाद केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने भी सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी। फिर लगभग 66 हेक्टेयर क्षेत्र में रेस्क्यू सेंटर बनाया गया और इसने वर्ष 2011 से कार्य करना प्रारंभ किया। सेंटर में आठ गुलदार व दो बाघ रखने के लिए 10 बाड़े बनाए गए तो बंदरों के बंध्याकरण की पहल भी इसी सेंटर में प्रारंभ की गई। वर्तमान में सेंटर में दो पशु चिकित्सकों के साथ ही 16 कर्मियों की तैनाती है।

इसके बावजूद सेंटर को विधिवत रूप से मान्यता नहीं मिल पाई थी। कारण ये कि सेंटर के मास्टर ले आउट प्लान, मैनेजमेंट प्लान व बाड़ों के डिजाइन को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अभी तक अनुमोदित नहीं कराया जा सका है। इससे विभागीय कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक था। लंबी प्रतीक्षा के बाद अब इसे लेकर गंभीरता से कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डा धकाते ने बताया कि यह सेंटर घायल, बीमार अथवा विभिन्न स्थानों से रेस्क्यू वन्यजीवों को उपचार देने के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। अब इसके लिए अनुमोदन सबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। इस बारे में केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि विधिवत मान्यता मिलने पर सेंटर को पर्याप्त बजट की उपलब्धता हो सकेगी।

वर्तमान में सेंटर में हैं 10 गुलदार

चिडिय़ापुर रेस्क्यू सेंटर में अब तक 40 से अधिक गुलदारों को उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से रेस्क्यू किए गए 10 गुलदार यहां रखे गए हैं। इसके साथ ही सेंटर में 11 नए बाड़े बनाने की भी योजना है।

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