देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, पेंशन, रोजगार, आर्थिक सहायता सहित विभिन्न क्षेत्रीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़े प्रकरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए।
मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन समस्याओं का समाधान जिला अथवा विभागीय स्तर पर संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित न रखा जाए।
जनसमस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए नियमानुसार उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए।
उन्होंने कहा कि लोगों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाना जरूरी है।
सीएम हेल्पलाइन 1905 और जनसुनवाई को बनाया जा रहा प्रभावी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन-1905, जनसुनवाई और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी बनाया जा रहा है।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से शासन-प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंच रहा है। इसके जरिए लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ पात्र लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान के तहत सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ शिविरों के साथ स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया जाएगा।
कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे शिकायतों का समाधान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। शिकायतों के निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि समाधान केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिले।
उन्होंने शासन, जिला प्रशासन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए तथा आमजन को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी देहरादून प्रमोद डोभाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।