देहरादून। आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्वयं जनसुनवाई कर 109 फरियादियों की शिकायतें सुनीं। अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, पारिवारिक विवाद, ऋण माफी, मुआवजा, आर्थिक सहायता तथा विभिन्न जनसेवाओं से जुड़े मामलों पर विस्तार से सुनवाई हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बस सेवा नहीं होने पर डीएम सख्त
देहरादून–डोईवाला–भानियावाला–जौली–थानों मार्ग पर परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी अथवा इलेक्ट्रिक बस सेवा उपलब्ध न होने की शिकायत को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) को तत्काल तलब कर आमजन को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बुजुर्ग विधवा की पीड़ा पर तत्काल कार्रवाई
समाधान दिवस में 75 वर्षीय विधवा माया देवी ने पारिवारिक उत्पीड़न और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष रखी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम ने प्रभारी महिला सेल को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर बुजुर्ग महिला को सुरक्षा और न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद और पारिवारिक मामलों पर भी निर्देश
एक अन्य मामले में विधवा भगवान देई ने संपत्ति विवाद और धमकी की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर और क्षेत्राधिकारी रायपुर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं कांवली रोड निवासी सुरेंद्र कुमार की पारिवारिक विवाद संबंधी शिकायत पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
लखवाड़ परियोजना के किसानों को मिलेगा न्याय
विकासखंड कालसी के लूहन गांव के छह कृषक परिवारों ने लखवाड़ बांध परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि का पुनर्स्थापन अनुदान न मिलने की शिकायत की। डीएम ने संबंधित अधिशासी अभियंता से तत्काल आख्या तलब करते हुए भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
छह साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा
प्रेमनगर निवासी सुनील कुमार ने डोईवाला–प्रेमनगर सड़क चौड़ीकरण के दौरान मकान ध्वस्त होने के बावजूद छह वर्षों से मुआवजा न मिलने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पात्र मुआवजा शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए।
अन्य मामलों पर भी दिए सख्त निर्देश
भूमि पैमाइश, डेयरी में कथित अनियमितताओं, पेयजल के अत्यधिक बिल सहित विभिन्न शिकायतों पर संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा.) स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।