शैक्षिक सत्र 2026-27 की अकादमिक रणनीति होगी चर्चा का केंद्र, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने और आगामी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 28 अक्टूबर को ऑनलाइन शैक्षिक गोष्ठी आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की शैक्षिक प्राथमिकताओं के तहत प्रस्तावित इस गोष्ठी में कक्षा 1 से 12 तक के छात्र-छात्राओं की परीक्षा तैयारी, शैक्षिक सत्र 2026-27 की अकादमिक रणनीति और सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा होगी।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, गोष्ठी का उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा देना, शैक्षिक प्राथमिकताओं पर साझा समझ विकसित करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के प्रयासों को गति देना है।
परीक्षा की तैयारी और शैक्षिक रणनीति पर होगा मंथन
ऑनलाइन गोष्ठी में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों की आगामी परीक्षाओं की तैयारी को प्रभावी बनाने और शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं को विद्यालय स्तर तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा और अकादमिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
शिक्षकों से लेकर विभागीय अधिकारियों तक की रहेगी सहभागिता
गोष्ठी में जनपदों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, शिक्षक संकुल, एआरपी, एसआरजी, डायट मेंटर्स, जिला समन्वयकों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभिन्न स्तरों पर कार्यरत शैक्षिक कार्मिकों की भागीदारी से विभागीय समन्वय को मजबूत करने और शैक्षिक योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यू-ट्यूब सत्र में प्रतिभा दिखाने का भी मिलेगा अवसर
निर्देशों के मुताबिक, गोष्ठी के यू-ट्यूब सत्र में प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी दिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने और निर्धारित समय पर सहभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मजबूत करने की पहल
प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए अकादमिक गतिविधियों तथा विभागीय समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 28 अक्टूबर की यह ऑनलाइन गोष्ठी आगामी परीक्षाओं की तैयारी को दिशा देने, शैक्षिक सत्र की रणनीति पर चर्चा करने और विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम पहल होगी।