उत्तराखंड सत्ता संग्राम 2022: हरिद्वार ग्रामीण पर पिता का बदला लेने स्वामी को चुनौती दे रही अनुपमा  - Seva Bharat Times

उत्तराखंड सत्ता संग्राम 2022: हरिद्वार ग्रामीण पर पिता का बदला लेने स्वामी को चुनौती दे रही अनुपमा 

हरिद्वार ग्रामीण सीट पर मुकाबला सीधे-सीधे भाजपा और कांग्रेस के बीच

सार

हरिद्वार ग्रामीण सीट पर पिता हरीश रावत की हार का बदला लेने के लिए बेटी अनुपमा रावत भाजपा के स्वामी यतीश्वरानंद को कड़ी चुनौती दे रही हैं। मुकाबला सीधे-सीधे भाजपा और कांग्रेस के बीच है। हालांकि, आप और असपा के पंकज सैनी भाजपा के वोट बैंक को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं, बसपा और सपा भी कांग्रेस के लिए खतरा बनी है।

समाचार विस्तार से पढ़ें : –

2017 में हुए चुनाव में मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत ने हरिद्वार ग्रामीण से चुनाव लड़ा था। वह भाजपा के स्वामी यतीश्वरानंद के सामने असफल साबित हो गए थे। अब टिकट आवंटन से पहले तक हरीश रावत के हरिद्वार ग्रामीण से फिर से मैदान में उतरने की चर्चाओं का बाजार गर्म था। ऐन वक्त पर उनकी बेटी अनुपमा रावत को टिकट दे दिया गया। अब अनपुमा रावत दखखम के साथ स्वामी यतीश्वरानंद के सामने चुनाव लड़ रही है। नामांकन के अंतिम दिन डा. दर्शन लाल शर्मा का टिकट बदलकर मोहम्मद युनूस अंसारी को प्रत्याशी बनाए जाने से पिछले चुनाव की तरह कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। क्योंकि पिछले चुनाव में मुस्लिम वोट बसपा पर भी जाने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा था।

दूसरे सपा के प्रत्याशी साजिद अली अंसारी भी मुस्लिम समाज से होने के कारण कांग्रेस के परंपरागत वोटों में सेंध लगाने का काम कर रहे हैं। मुस्लिम वोटों के इस ध्रुवीकरण के चलते मजबूती से चुनाव लड़ने के बावजूद कांग्रेस टेंशन से गुजर रही है। हैट्रिक लगाने के लिए सियासी समर में उतरे स्वामी यतीश्वरानंद के रास्ते में आप प्रत्याशी नरेश शर्मा रोड़ा बन रहे हैं। दरअसल, भाजपा में रहे नरेश शर्मा काफी समय पहले से ही हरिद्वार ग्रामीण सीट पर टिकट के लिए सक्रिए हो गए थे। बाद में वह आम आदमी पार्टी में शामिल होकर चुनाव में उतरे हुए हैं। उनकी क्षेत्र में पहचान का खामियाजा भुगतने का डर भाजपा को लग रहा है।

सैनी समाज से भी बसपा से टिकट नहीं मिलने पर अब पंकज सैनी आजाद समाज पार्टी से चुनावी दंगल में हैं। इस सीट पर सैनी समाज का वोट 16 हजार के आसपास है। जबकि सैनी समाज का भाजपा का वोटर माना जाता रहा है। ऐसे में वह सैनी समाज में घुसपैठ करके भाजपा को परेशान करते हुए दिख रहे हैं। उधर, स्वामी यतीश्वरानंद को अवैध खनन के आरोपों को भी झेलना पड़ रहा है। उन पर अवैध खनन खनन के आरोप विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे हैं। लेकिन फिर भी यहां मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है।

मतदाता:
कुल- 130915
पुरुष- 69236
महिला-61521

संक्षिप्त इतिहास: नए परिसीमन के बाद 2012 में बनी हरिद्वार ग्रामीण सीट पर भाजपा के स्वामी यतीश्वरानंद लगातार  जीतते आ रहे हैं। उन पर भाजपा संगठन ने तीसरी बार फिर से भरोसा जताते हुए चुनावी मैदान में उतारा हुआ है।

स्थानीय मुद्दे: सबसे बड़ा मुद्दा जंगली जानवरों से फसलों को बचाना है। वहीं, क्षेत्र में अवैध खनन का मुद्दा भी बना हुआ है। अघोषित बिजली कटौती से क्षेत्र के आमजन को परेशानी के साथ ही किसानों की सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ता है।

इनके बीच मुकाबला
मैंने पिछले दस साल में क्षेत्र में काफी विकास कार्य कराए हैं। अगर जनता ने तीसरी बार मौका दिया तो क्षेत्र का चहुंमुखी विकास करूंगा।
– स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा प्रत्याशी

हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लोगों के सामने बेरोजगारी, शिक्षा-स्वास्थ्य सबसे बड़ी समस्या है। अगर मुझे जनता ने चुना तो क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार देने का काम करूंगी।
– अनुपमा रावत, कांग्रेस प्रत्याशी

अगर चुनाव में जीत हासिल हुई तो सबसे पहले क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, पुल का निर्माण करूंगा व जंगली जानवरों से फसलों की रोकथाम के लिए कदम उठाऊंगा।
– मोहम्मद युनूस अंसारी, बसपा प्रत्याशी

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