कासगंज पुलिस ने 120 लोगों को लौटाए गुम हुए मोबाइल फोन, उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक चलाया गया तलाश अभियान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति 6.0 के पहले सप्ताह में कासगंज पुलिस ने गुम मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने महज सात दिनों में करीब 32 लाख रुपये कीमत के 120 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। खास बात यह रही कि गुम हुए मोबाइलों की तलाश उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा तक तकनीकी संसाधनों की मदद से उनका पता लगाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे मिशन शक्ति 6.0 के तहत सामने आई इस कार्रवाई से उन लोगों को राहत मिली, जिनके मोबाइल फोन गुम हो गए थे। कासगंज पुलिस की इस पहल में तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल के साथ शिकायतों के निस्तारण और आमजन को राहत पहुंचाने पर जोर दिया गया।
सात दिन में 32 लाख के मोबाइल बरामद
मिशन शक्ति 6.0 की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई थी। अभियान के पहले सप्ताह में कासगंज पुलिस ने गुम मोबाइल फोन से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई तेज की। पुलिस ने तकनीकी माध्यमों से मोबाइल फोन की लोकेशन का पता लगाया। जांच के दौरान कई मोबाइल फोन दूसरे राज्यों में मिले, जिसके बाद संबंधित स्थानों पर संपर्क और समन्वय स्थापित कर उनकी बरामदगी की गई।
इस अभियान के तहत सात दिनों के भीतर करीब 32 लाख रुपये मूल्य के 120 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके बाद मोबाइलों के स्वामित्व और पहचान का सत्यापन कर उन्हें संबंधित लोगों को वापस सौंप दिया गया।
मोबाइल वापस मिलने से 120 लोगों को मिली राहत
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, जरूरी दस्तावेजों, कारोबार, पारिवारिक तस्वीरों और महत्वपूर्ण संपर्कों का भी माध्यम है। ऐसे में मोबाइल गुम होने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ कई जरूरी कामों में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कासगंज पुलिस की कार्रवाई से 120 लोगों को उनके मोबाइल वापस मिल गए। लंबे समय से अपने फोन मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर रही। मोबाइल की वापसी से उन्हें अपनी डिजिटल सेवाओं और जरूरी संपर्कों तक दोबारा पहुंच बनाने में मदद मिली।
दूसरे राज्यों तक पहुंची पुलिस की तलाश
मोबाइल बरामदगी अभियान की खास बात इसका अंतरराज्यीय दायरा रहा। पुलिस को कुछ मोबाइलों की लोकेशन उत्तर प्रदेश से बाहर मिली थी। इसके बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा तक तलाश का दायरा बढ़ाया गया।
तकनीकी संसाधनों और संबंधित स्तर पर समन्वय के माध्यम से मोबाइलों का पता लगाकर उन्हें बरामद किया गया। इस कार्रवाई ने दिखाया कि गुम मोबाइल की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को राज्य की सीमाओं से बाहर भी समन्वय करना पड़ सकता है।
शिकायतों के निस्तारण पर पुलिस का जोर
कासगंज के पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के अनुसार, गुम मोबाइल फोन से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी संसाधनों की मदद से उनकी तलाश की गई। मोबाइल मिलने के बाद पहचान और स्वामित्व का सत्यापन कर उन्हें संबंधित व्यक्तियों को सौंपा गया।
पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित रखने के बजाय लोगों को वास्तविक राहत पहुंचाना रहा।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर फोकस
डिजिटल लेनदेन, ऑनलाइन बैंकिंग और मोबाइल आधारित सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच तकनीक आधारित पुलिसिंग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। मोबाइल फोन की बरामदगी जैसे अभियान आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान में भी तकनीकी संसाधनों की उपयोगिता को सामने लाते हैं।
मिशन शक्ति 6.0 के पहले सप्ताह में कासगंज पुलिस की इस कार्रवाई से 120 लोगों को उनके गुम हुए मोबाइल वापस मिले। करीब 32 लाख रुपये मूल्य के मोबाइलों की बरामदगी के साथ पुलिस ने शिकायतों पर कार्रवाई और अंतरराज्यीय समन्वय के जरिए लोगों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया।
मुख्य बिंदु: सात दिन में 120 मोबाइल बरामद | करीब ₹32 लाख कीमत | पांच राज्यों में तलाश | मोबाइल मालिकों को वापस सौंपे गए फोन