विद्यालय में पेयजल व्यवस्था के लिए मौके पर बजट स्वीकृत, किसानों की फसल में रोग की जांच के निर्देश
देहरादून। ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने ‘रात्रि चौपाल’ पहल की शुरुआत की है। इसके तहत प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे और स्थानीय समस्याओं के निस्तारण के साथ विकास कार्यों की जमीनी हकीकत भी परखेंगे।
इसी क्रम में बुधवार को विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह की अध्यक्षता में पहली रात्रि चौपाल आयोजित की गई। चौपाल में ग्रामीणों ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, टूटी पुलिया, जर्जर विद्यालय भवन, धान की फसल में रोग, जंगली जानवरों से खेती को नुकसान, सड़क निर्माण के कारण जलभराव और विद्यालय में पेयजल की समस्या सहित कई मुद्दे उठाए। सीडीओ ने संबंधित विभागों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
नहर-पुलिया की मरम्मत और फसल में रोग की जांच के निर्देश
चौपाल में मालदेवता निवासी बच्चन सिंह कठैत ने सिंचाई नहर और पुलिया की मरम्मत, विद्यालय के जर्जर भवन तथा धान की फसल में रोग और खरपतवार से हो रहे नुकसान की समस्या रखी।
सीडीओ ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को नहर एवं क्षतिग्रस्त पुलिया की समस्या का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग को फसल में रोग और खरपतवार से हुए नुकसान की जांच कर किसानों को उचित तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने को कहा गया। खरपतवार की पहचान और उसके प्रभाव का आकलन करने के लिए नमूना पंतनगर भेजने के निर्देश भी दिए गए।
विद्यालय के जर्जर भवन के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भवन निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। धनराशि उपलब्ध होने की संभावना के बीच सीडीओ ने आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया।
सड़क निर्माण से जलभराव, विभागों को समन्वय के निर्देश
क्षेत्रवासी मनोज पंवार ने सड़क निर्माण के कारण घर के पास पानी की निकासी बाधित होने और जलभराव की समस्या उठाई। इस पर सीडीओ ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को आपसी समन्वय से जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वहीं, ग्राम प्रधान सरखेत ने विद्यालय में पेयजल की समस्या से अवगत कराया। सीडीओ ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही बजट स्वीकृत किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सिंचाई नहर में पानी नहीं पहुंचने और पेयजल लाइन में रिसाव की शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण कर व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया।
पीएचसी के उच्चीकरण का प्रस्ताव, रेबीज इंजेक्शन रखने के निर्देश
चौपाल में मालदेवता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के उच्चीकरण का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र को ए श्रेणी से बी श्रेणी में उच्चीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
सीडीओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए और इस संबंध में की गई कार्रवाई से अवगत कराने को कहा। इसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवस्था मजबूत करना है।
चौपाल से पहले आंगनबाड़ी, राशन दुकान और पशु केंद्र का निरीक्षण
रात्रि चौपाल से पूर्व सीडीओ अभिनव शाह ने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित राशन की दुकान और निर्माणाधीन पशु केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
चौपाल में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। ग्रामीणों से मिले फीडबैक के आधार पर योजनाओं की पहुंच और उनके प्रभाव को समझने का प्रयास किया गया। उद्यान विभाग ने कृषकों को बीज वितरित कर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया।
इसके साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया। स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता संबंधी जानकारी भी दी गई।
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर होगा संवाद
जिला प्रशासन के अनुसार, रात्रि चौपाल के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी, पशुपालन, रोजगार, पलायन, ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार जैसे विषयों पर ग्रामीणों से खुला संवाद किया जाएगा। ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से भी स्थानीय जरूरतों और समस्याओं पर फीडबैक लिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे, पर्यटन, कृषि, बागवानी और पशुपालन के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी, ताकि स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा मिल सके।
प्रशासन की इस पहल में गांवों की वास्तविक परिस्थितियों को समझने, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने और जनसमस्याओं के समयबद्ध समाधान पर विशेष जोर दिया गया है। रात्रि प्रवास के माध्यम से अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच संवाद को सहज बनाने तथा शासन-जनता के बीच विश्वास मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
ये अधिकारी रहे मौजूद
रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रायपुर श्रीमती सरोजिनी, ग्राम प्रधान शैलेंद्र चौहान, निदेशक ग्राम विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी अपर्णा बहुगुणा, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसवंत सिंह चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।