यूपी में रूफटॉप सोलर का बड़ा विस्तार, 9 लाख से अधिक घरों में लगे सोलर प्लांट - Seva Bharat Times

यूपी में रूफटॉप सोलर का बड़ा विस्तार, 9 लाख से अधिक घरों में लगे सोलर प्लांट

3,000 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ी, घरेलू बिजली बिलों में बचत के साथ रोजगार सृजन को मिल रहा बढ़ावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार के नेतृत्व में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रदेश में 9 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इससे राज्य में 3,000 मेगावाट यानी 3 गीगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ गई है। यह उपलब्धि घरेलू बिजली खर्च में बचत, पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

रूफटॉप सोलर के बढ़ते दायरे से प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन मिल रहा है। साथ ही, सोलर प्लांट की स्थापना, उपकरणों की आपूर्ति और रखरखाव से जुड़े कारोबारों के लिए भी नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

पात्र परिवारों को ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अधिकतम ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य सोलर प्लांट लगाने की शुरुआती लागत को कम करना और अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना की निर्धारित पात्रता और प्रक्रिया के तहत इच्छुक उपभोक्ता 31 मार्च 2027 तक आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन से पहले संबंधित पोर्टल पर पात्रता, सब्सिडी की वर्तमान शर्तों और आवेदन की समय-सीमा की पुष्टि करना जरूरी है।

9,500 से अधिक वेंडर्स का नेटवर्क, एक लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर

प्रदेश में रूफटॉप सोलर अभियान के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 9,500 से अधिक वेंडर्स का नेटवर्क इस क्षेत्र में सक्रिय है। सोलर प्लांट की स्थापना, उपकरणों की आपूर्ति, परिवहन, रखरखाव और संबंधित सेवाओं के माध्यम से एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।

इस क्षेत्र में तकनीकी कार्यों से लेकर इंस्टॉलेशन, सर्विसिंग और उपकरणों की आपूर्ति तक कई तरह के काम उपलब्ध हो रहे हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ने के साथ स्थानीय उद्यमों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।

प्रतिदिन 1.35 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन की क्षमता

प्रदेश में स्थापित 3,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता के आधार पर बिजली उत्पादन का अनुमान भी उल्लेखनीय है। यदि प्रति किलोवाट प्रतिदिन औसतन 4.5 यूनिट बिजली उत्पादन माना जाए, तो इस क्षमता से प्रतिदिन लगभग 1.35 करोड़ यूनिट बिजली पैदा की जा सकती है।

₹6.50 प्रति यूनिट की सांकेतिक दर के आधार पर इस बिजली का अनुमानित आर्थिक मूल्य प्रतिदिन करीब ₹8.78 करोड़ और सालाना लगभग ₹3,202 करोड़ बैठता है। यह गणना अनुमानित उत्पादन पर आधारित है। वास्तविक बिजली उत्पादन और आर्थिक लाभ धूप, मौसम, उपकरणों की कार्यक्षमता, घरेलू खपत और लागू बिजली दरों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी रफ्तार

घरेलू रूफटॉप सोलर के विस्तार के मामले में उत्तर प्रदेश की प्रगति को अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में वर्ष 2026 की पहली छमाही में लगभग 1.89 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित हुई, जबकि अमेरिका में आवासीय सोलर स्थापना की दैनिक औसत दर अलग-अलग तिमाहियों में लगभग 10.9 से 13.1 मेगावाट रही। जर्मनी में भवनों पर सोलर क्षमता की वृद्धि पहली छमाही में औसतन लगभग 17.5 मेगावाट प्रतिदिन बताई गई है।

वहीं, उत्तर प्रदेश में घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता प्रतिदिन लगभग 9 से 10 मेगावाट बढ़ने का अनुमान इस अभियान के बड़े पैमाने को दर्शाता है। हालांकि, अलग-अलग देशों के आंकड़ों की तुलना करते समय आवासीय और वाणिज्यिक प्रणालियों, आंकड़ों की अवधि तथा स्थापना की परिभाषा को ध्यान में रखना आवश्यक है।

स्थानीय विनिर्माण और हरित अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

रूफटॉप सोलर के बढ़ते इस्तेमाल से सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, बैटरी, केबल, माउंटिंग स्ट्रक्चर और अन्य उपकरणों की मांग बढ़ रही है। इससे आपूर्ति, परिवहन, इंस्टॉलेशन और रखरखाव से जुड़े स्थानीय कारोबारों को लाभ मिलने की संभावना है।

सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर कौशल विकास और तकनीकी सेवाओं के विस्तार के नए रास्ते खुलते हैं।

स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में उत्तर प्रदेश का बढ़ता कदम

उत्तर प्रदेश में 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना और 3,000 मेगावाट से ज्यादा क्षमता का जुड़ना राज्य में सौर ऊर्जा के बढ़ते दायरे को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र परिवारों तक सब्सिडी की पहुंच और प्रशिक्षित तकनीकी नेटवर्क के विस्तार से इस अभियान को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

घरेलू बिजली खर्च में संभावित बचत, रोजगार के नए अवसर और पर्यावरण संरक्षण—रूफटॉप सोलर उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है।

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