थल-बेरीनाग मार्ग पर उफनते नाले को पार करते समय हुआ हादसा, ग्रामीणों ने एक युवक को बचाया; दूसरे का शव सोमवार सुबह बरामद
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बारिश के दौरान उफनाए बरसाती नाले ने दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। थल-बेरीनाग मोटर मार्ग पर बरड़ के पास रविवार देर रात स्कूटी सवार दोनों युवक नाले के तेज बहाव में बह गए। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक को स्थानीय ग्रामीणों ने घायल अवस्था में बचा लिया। सोमवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल के पास गहरे गदेरे से दूसरे युवक का शव बरामद किया। दोनों युवक अल्मोड़ा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
रात के अंधेरे में उफनते नाले में बही स्कूटी
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब नौ बजे दो युवक स्कूटी से बेरीनाग की ओर जा रहे थे। थल से लगभग चार किलोमीटर दूर बरड़ के पास बारिश के कारण बरसाती नाला उफान पर था। इसी दौरान नाला पार करते समय उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर तेज बहाव में बह गई और नीचे गहरे गदेरे में जा समाई।
हादसे के बाद दोनों युवक बहने लगे। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने बचाई एक युवक की जान
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता और सूझबूझ दिखाते हुए गौरव कुमार को घायल अवस्था में गदेरे से बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल थल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
वहीं, दूसरा युवक हिमांशु नयाल तेज बहाव में बह गया। रात का अंधेरा और दुर्गम परिस्थितियां होने के कारण उसकी तलाश नहीं हो सकी।
सुबह सर्च ऑपरेशन में मिला हिमांशु का शव
सोमवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और खोजबीन शुरू की। सर्च ऑपरेशन के दौरान हिमांशु नयाल का शव गदेरे में पड़ा मिला। इसके बाद शव को बरामद कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर शव उन्हें सौंपा जाएगा।
बारिश में उफनते नालों को पार करना जानलेवा
इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान उफनते नालों और गदेरों से गुजरने के खतरे को उजागर किया है। तेज बारिश में बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और बहाव बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे में नालों को पार करने का जोखिम जानलेवा साबित हो सकता है।
अपील: बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर सफर करते समय सावधानी बरतें। उफनते नालों और गदेरों को पार करने की कोशिश न करें तथा जलस्तर कम होने और रास्ता सुरक्षित होने तक प्रतीक्षा करें।