अवैध कब्जों से लेकर सड़क, पेयजल और आपदा राहत तक के मामलों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
देहरादून। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में आम जनता ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 126 शिकायतें दर्ज की गईं।
अपर जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा।
बुजुर्गों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई

समाधान दिवस में बुजुर्गों से जुड़ी शिकायतों पर प्रशासन ने विशेष गंभीरता दिखाई। 73 वर्षीय मदनलाल भल्ला ने आरोप लगाया कि कारोबार स्थापित करने में बेटे की मदद करने के बावजूद वृद्धावस्था में उन्हें बेसहारा छोड़ दिया गया। मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
वहीं, 74 वर्षीय विधवा रेणुका खनका ने बहू पर पैतृक संपत्ति हड़पने, मारपीट और देखभाल नहीं करने का आरोप लगाया। मामले में सीओ रायपुर और महिला सेल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अवैध कब्जों और निर्माण पर सख्ती

गायत्री विहार निवासी बुजुर्ग दंपत्ति ने अपनी वैध संपत्ति पर पड़ोसी द्वारा अवैध कब्जे और एमडीडीए के सीलिंग आदेशों का पालन नहीं होने की शिकायत की। प्रशासन ने एमडीडीए को मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
सेवाकलां निवासी संजय कुमार ने पुश्तैनी भूमि पर कब्जे और धमकी की शिकायत की, जिस पर एसडीएम सदर को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं रेसकोर्स निवासी आशीष बड़थ्वाल की शिकायत पर कथित नियम विरुद्ध तीन मंजिला व्यावसायिक भवन निर्माण की स्थलीय जांच के लिए एसडीएम सदर और पुलिस क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया गया।
सड़क और पेयजल समस्याओं पर भी निर्देश

इंद्रलोक कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए जल निगम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खुड़बुड़ा मोहल्ले में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत पर जल संस्थान को तत्काल सुधार के निर्देश मिले।
रानीपोखरी में पुराने पेयजल कनेक्शनों और शुल्क से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए अधिशासी अभियंता जल संस्थान से रिपोर्ट मांगी गई। आशारोड़ी-झाझरा हाईवे निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर एनएचएआई को जांच के निर्देश दिए गए।
क्षतिग्रस्त पुलिया और भू-कटाव की होगी जांच
चकराता ब्लॉक के खारसी मोटर मार्ग और कोल्डपानी सत्तौर क्षेत्र में भू-कटाव की समस्या पर पीडब्ल्यूडी और एसडीएम को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। कालसी विकासखंड के कामला स्थित हड्डियागाड़ में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त पुलिया के कारण स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी पर एसडीएम कालसी को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
आपदा राहत और जनहित के मामलों को भी प्राथमिकता
कुडियाल ग्राम पंचायत में आपदा से क्षतिग्रस्त हाथी सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा प्रकाश पंत मार्ग से एयरपोर्ट तक जंगली हाथियों से बचाव के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने की जिम्मेदारी बीडीओ को दी गई।
गांधी रोड निवासी इल्मा, प्रेम बहादुर, सरस्वती और रणवीर सिंह द्वारा आर्थिक कठिनाई, बच्चों की शिक्षा और बीमारी के इलाज के लिए मांगी गई सहायता के मामलों में संबंधित एसडीएम को जांच के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत गिरी, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखते हुए उनके प्रभावी और समयबद्ध समाधान पर विशेष जोर दिया जाएगा।