चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र के बंगाली गांव की बेटी प्रियंका नेगी ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रियंका की इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव सहित आसपास के क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रियंका ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया है। उनकी सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश है।
आर्मी पब्लिक स्कूल से शुरू हुआ सफर
प्रियंका नेगी ने अपनी प्रारंभिक एवं स्कूली शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, लखनऊ से पूरी की। इसके बाद उन्होंने ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।
तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद प्रियंका ने भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए उन्होंने चयन की कठिन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया और प्रशिक्षण के लिए एयर फोर्स ट्रेनिंग कॉलेज (AFTC), बेंगलुरु पहुंचीं।
कठिन प्रशिक्षण के बाद मिली नई जिम्मेदारी
प्रियंका ने AFTC, बेंगलुरु में निर्धारित सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर कमीशन प्रदान किया गया।
उनके प्रशिक्षण बैच में कुल 118 कैडेट शामिल रहे। इस बैच में भारतीय कैडेटों के साथ मित्र देशों के विदेशी कैडेट भी शामिल थे। प्रियंका की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने सैन्य सेवा की पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाया है।
पिता रह चुके हैं भारतीय सेना में सूबेदार
प्रियंका नेगी के पिता इत्वार सिंह भारतीय सेना की सिग्नल कोर में सूबेदार के पद पर सेवा दे चुके हैं। उनकी माता गृहिणी हैं। सैन्य वातावरण और अनुशासन से मिले संस्कारों ने प्रियंका के व्यक्तित्व को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
प्रियंका नेगी की सफलता केवल उनके परिवार की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे नंदानगर और चमोली जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से यह संदेश दिया है कि बेटियां भी चुनौतियों को अवसर में बदलकर सफलता के नए मुकाम हासिल कर सकती हैं।
प्रियंका के फ्लाइंग ऑफिसर बनने पर उनके परिजनों, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर देवभूमि उत्तराखंड की बेटियों की प्रतिभा और जज्बे को देश के सामने गौरवान्वित किया है।