उत्तराखंड: बाघ के आतंक को देखते हुए पौड़ी गढ़वाल के दर्जनों गांवों में लगा नाइट कफ्र्यू - Seva Bharat Times

उत्तराखंड: बाघ के आतंक को देखते हुए पौड़ी गढ़वाल के दर्जनों गांवों में लगा नाइट कफ्र्यू

पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने बाघ के आतंक को देखते हुए रिखणीखाल व धूमाकोट तहसील के दर्जनों गांवों में शाम सात बजे से सुबह छह बजे तक कफ्र्यू लगा दिया है। रिखणीखाल ब्लाक के ग्रामपंचायत मेलधार के डल्ला गांव में बीते दो दिन पहले बाघ के हमले में हुए वृद्ध की मौत के बाद वन विभाग ने हमलावर गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगा दिया है। रविवार को आसपास के क्षेत्र में ड्रोन उड़ाया गया, जिसमें पडियारपाणी गांव में भी एक बाघ की मूवमेंट कैमरे में कैद हुई है।

बाघ लैंसडाउन विधायक दिलीप सिंह रावत पर भी पहले हमला बोल चुका है। लेकिन किसी तरह विधायक की जान बच पाई थी। जिसके बाद वो बाघों के झुंड को लेकर वन विभाग के अधिकारियों से लगातार बात कर रहे थे। ग्राम पंचायत मेलधार के प्रधान खुशेंद्र सिंह ने बताया कि बाघ के हमले में एक वृद्ध शख्स की मौत के बाद आसपास के गांवों में दहशत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं। हालांकि वन विभाग के कर्मी बंदूकों के साथ लगातार गश्त कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित गांव के रास्तों में प्रकाश की व्यवस्था करने के लिए 10 स्ट्रीट लाइटें दी गई हैं। स्ट्रीट लाइटों को प्रभावित गांवों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के रिखणीखाल तहसील, धुमाकोट तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत अग्रिम आदेश तक 11 घंटे का रात्रि कफ्र्यू लगाया है।

पौड़ी डीएम डॉ. आशीष चैहान का कहना है कि बाघों का झुंड हमलावर हो सकता है। इस वजह से जनपद पौड़ी के तहसील रिखणीखाल और धुमाकोट में सायं 7 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक दर्जनों गांवों में कफ्र्यू रहेगा। डीएम ने रिखणीखाल तहसील, धुमाकोट तहसील के 28 गांवों के लिए एडवाइजरी जारी की है। साथ ही पैनू पट्टी चार में भी कफ्र्यू लगेगा।

बाघों का एक झुंड रिखणीखाल के कॉर्बेट नेशनल पार्क से लगे गांवों में विचरण करते देखा गया है। और एक झुंड धुमाकोट क्षेत्र में सक्रिय देखा जा रहा है। वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की गई है। गढ़वाल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया है कि रिखणीखाल क्षेत्र के डल्ला गांव में बाघों की घटना के बाद पिंजरा लगाने की अनुमति मिलने के बाद पिंजरे लगा दिए गए हैं।

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