प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को उपराष्ट्रपति का संदेश—सेवा और कर्तव्य को दें सर्वोच्च प्राथमिकता

देहरादून/मसूरी। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी में 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों के प्रशिक्षण के दूसरे चरण के समापन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिविल सेवाएं देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं, क्योंकि इनके माध्यम से सरकार की नीतियों और योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि “सेवाभाव और कर्तव्यबोध” को अपना मार्गदर्शक मंत्र बनाएं तथा यह सुनिश्चित करें कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

टीम भावना से ही मजबूत होगा प्रशासन

सी.पी. राधाकृष्णन ने अधिकारियों को व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय टीम उत्कृष्टता पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशासन के लिए मजबूत और समन्वित टीमों का निर्माण, सहयोगियों को प्रेरित करना तथा पूर्ववर्तियों की अच्छी कार्यप्रणालियों को आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है।

41 प्रतिशत महिला अधिकारी, नारी शक्ति का प्रमाण

उपराष्ट्रपति ने सिविल सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 2024 बैच में लगभग 41 प्रतिशत अधिकारी महिलाएं हैं। उन्होंने इसे नारी शक्ति का प्रभावशाली प्रमाण बताते हुए कहा कि प्रतिभा रूढ़ धारणाओं से ऊपर उठती है और दृढ़ संकल्प के साथ बाधाओं को पार करती है।

नई तकनीक को अपनाने पर जोर

प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी उभरती तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को निरंतर सीखने, बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी।

नैतिक आचरण ही सच्चे नेतृत्व की पहचान

लोक सेवा में चरित्र और सत्यनिष्ठा के महत्व को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सच्चा नेतृत्व शक्ति या पद से नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी नैतिक रूप से कार्य करने की क्षमता से मापा जाता है।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से देश के सुदूर क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि प्रशासन का उद्देश्य ऐसा होना चाहिए कि हर शिकायत सुनी जाए और प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाया जा सके।

समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, उत्तराखंड सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण तथा सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी और एलबीएस एकेडमी के निदेशक डॉ. बी. राजेंद्र सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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