30 जुलाई से कांवड़ यात्रा: मुख्यमंत्री धामी बोले— सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वच्छ हो हर व्यवस्था

हरिद्वार/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए अधिकारियों को सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंगलवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, प्रशासनिक क्षमता, सेवा-भाव और कार्यकुशलता का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों से “सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़” के लक्ष्य के साथ कार्य करने को कहा।

महिला श्रद्धालुओं के लिए पिंक टॉयलेट और बेहतर सुविधाओं के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों के स्वागत, भंडारों की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे पिंक टॉयलेट स्थापित करने को कहा गया।

रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अब तक चारधाम यात्रा में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि 55 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बार कांवड़ यात्रा में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जाएं।

ड्रोन, CCTV और AI से होगी निगरानी

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए तथा पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और एआई आधारित निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

वीआईपी मूवमेंट से प्रभावित नहीं होगी यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्लान का सख्ती से पालन कराया जाए और कांवड़ यात्रियों तथा स्थानीय लोगों के लिए आवश्यकतानुसार अलग यातायात व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में वीआईपी मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

मेडिकल कैंप, वाटर एंबुलेंस और SDRF रहेगी अलर्ट

मुख्यमंत्री ने प्रमुख पड़ावों पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हर की पैड़ी सहित प्रमुख घाटों पर वाटर एंबुलेंस, जल पुलिस, SDRF, NDRF और अग्निशमन दल को पूरी तरह अलर्ट रखने के निर्देश भी दिए गए।

नो-प्लास्टिक अभियान और खाद्य गुणवत्ता पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने पूरे कांवड़ मार्ग पर नियमित सफाई अभियान चलाने, नो-प्लास्टिक अभियान को प्रभावी बनाने तथा यात्रा समाप्त होने के बाद तत्काल सफाई कर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में लाने के निर्देश दिए। साथ ही होटलों, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने और लाइसेंस-पंजीकरण प्रदर्शित करने को अनिवार्य बताया।

महाकुंभ-2027 की तैयारियों पर भी रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान महाकुंभ-2027 की तैयारियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए। दोनों व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाते हुए विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।

बैठक में कैबिनेट मंत्री, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भी कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए विभिन्न सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए 24 घंटे कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सक्रिय रखने के निर्देश दिए।

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