एआई की निगरानी में हुई स्पेशल टीईटी-2026, 93,681 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा; फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को नकलविहीन, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में योगी सरकार ने तकनीक के इस्तेमाल को नई मजबूती दी है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी-2026) पहली बार अत्याधुनिक एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम की निगरानी में संपन्न हुई। प्रदेश के छह मंडल मुख्यालयों पर आयोजित परीक्षा में कुल 93,681 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा फर्जी परीक्षार्थी भी पकड़ा गया, जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
छह मंडलों में दो पालियों में आयोजित हुई परीक्षा
विशेष टीईटी-2026 का आयोजन प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और आगरा के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में किया गया। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार, कक्षा 1 से 5 तक के लिए प्रथम पाली सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक और कक्षा 6 से 8 तक के लिए द्वितीय पाली दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक आयोजित हुई। आयोग ने सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होने की जानकारी दी।
एआई कैमरों ने पकड़ा फर्जी परीक्षार्थी
इस परीक्षा की सबसे खास बात तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था रही। आयोग मुख्यालय में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे कैमरों के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की गई। आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी में एआई कैमरों और विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।
इसी निगरानी के दौरान लखनऊ के स्टेशन रोड स्थित बप्पा श्री नारायण वोकेशनल इंटर कॉलेज में एक ऐसा परीक्षार्थी पकड़ा गया, जो किसी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। फर्जी परीक्षार्थी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इस कार्रवाई को परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
87.92 प्रतिशत अभ्यर्थियों की रही उपस्थिति
आयोग के उप सचिव संजय सिंह ने बताया कि दोनों पालियों में कुल 93,681 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। यह कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 87.92 प्रतिशत है।
प्रथम पाली में कक्षा 1 से 5 के लिए पंजीकृत 58,353 अभ्यर्थियों में से 50,666 उपस्थित रहे। इस पाली में उपस्थिति 86.80 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं, द्वितीय पाली में कक्षा 6 से 8 के लिए पंजीकृत 48,194 अभ्यर्थियों में से 43,015 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस पाली में उपस्थिति 89.25 प्रतिशत रही।
प्रशासन और पुलिस के सहयोग की सराहना
आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने परीक्षा के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित मंडलों और जनपदों के जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुचिता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई।
योगी सरकार की इस पहल से स्पष्ट है कि प्रदेश में परीक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित और अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है। एआई आधारित निगरानी और त्वरित कार्रवाई जैसी व्यवस्थाएं नकल तथा फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।