कोलकाता में न्यू टाउन सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति ने किया सम्मानित, रामकृष्ण विवेकानंद मिशन के सचिव स्वामी नित्यारूपानंद से भी की मुलाकात
देहरादून। पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात अस्थि रोग विशेषज्ञ, शिक्षाविद् एवं एम्स गुवाहाटी के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भूपेन्द्र कुमार सिंह संजय को चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवाओं और मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। न्यू टाउन सर्वोजनिन दुर्गोत्सव समिति की ओर से वर्ष 2026 के शारद उत्सव एवं दुर्गा पूजा के अवसर पर प्रदान किया गया यह सम्मान अस्थि शल्य चिकित्सा, जटिल अस्थि ट्यूमर के उपचार और निःस्वार्थ मानव सेवा के प्रति उनके समर्पण को रेखांकित करता है।
डॉ. संजय ने चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञता के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दी है। निःशुल्क चिकित्सा शिविरों और सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा लोगों को स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया है।
स्वामी नित्यारूपानंद से आध्यात्मिक संवाद
कोलकाता प्रवास के दौरान 18 अक्टूबर 2026 को डॉ. संजय ने रामकृष्ण विवेकानंद मिशन के मुख्यालय में मिशन के सचिव स्वामी नित्यारूपानंद से भेंट की। इस दौरान उन्होंने स्वामी जी को अपनी पुस्तकें भेंट कीं। मुलाकात में कर्म एवं प्रतिक्रिया के सिद्धांत और मानव जीवन की परस्पर संबद्धता जैसे विषयों पर सारगर्भित आध्यात्मिक चर्चा हुई।
स्वामी नित्यारूपानंद का संदेश, “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है”, डॉ. संजय की सेवा-दृष्टि से जुड़ा रहा। उनकी कार्यशैली में चिकित्सा को केवल उपचार तक सीमित न रखकर करुणा, संवेदना और समर्पण के माध्यम से मानव पीड़ा कम करने के प्रयास के रूप में देखा जाता है।
कवि शिव कुमार बिलग्रामी भी रहे मौजूद
इस मुलाकात के दौरान प्रख्यात कवि एवं शायर शिव कुमार बिलग्रामी भी उपस्थित रहे। डॉ. संजय और स्वामी नित्यारूपानंद के बीच इस भेंट को संभव बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वामी जी ने लोगों को जोड़ने के उनके प्रयास की तुलना देवर्षि नारद मुनि से की, जिन्हें भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में संवाद और संपर्क के सूत्रधार के रूप में जाना जाता है।
स्वामी नित्यारूपानंद ने डॉ. संजय को दोबारा मिशन आने के लिए आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
चिकित्सा क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए मिला सम्मान और रामकृष्ण विवेकानंद मिशन में हुई यह आध्यात्मिक मुलाकात चिकित्सा, करुणा, आध्यात्मिक चेतना और निःस्वार्थ मानव सेवा के बीच गहरे संबंध को सामने लाती है। डॉ. संजय की यह यात्रा समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और मानव कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।