उत्तराखंड में महिला आरक्षियों के पद बढ़ाकर 2000 करने के प्रस्ताव को सीएम धामी की मंजूरी - Seva Bharat Times

उत्तराखंड में महिला आरक्षियों के पद बढ़ाकर 2000 करने के प्रस्ताव को सीएम धामी की मंजूरी

वर्तमान 526 पदों के सापेक्ष 1474 अतिरिक्त पदों के समायोजन का प्रस्ताव, महिला पुलिस कर्मियों के लिए पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने पर भी जोर

देहरादून। उत्तराखंड में जनपदीय पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और महिला आरक्षियों को सेवा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या 526 से बढ़ाकर 2000 किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 1474 अतिरिक्त पदों को अन्य संवर्गों एवं शाखाओं के स्वीकृत पदों से समायोजित किए जाने का प्रस्ताव है।

बिना अतिरिक्त वित्तीय भार के होगा पदों का समायोजन

प्रस्ताव के अनुसार, पदों की संख्या में वृद्धि के लिए कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाए बिना व्यवस्था की जाएगी। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही वर्तमान में कार्यरत 1210 अधिसंख्य महिला आरक्षियों के समायोजन और भविष्य में उनकी पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उच्चतर पदों के पुनर्गठन का अलग प्रस्ताव उपलब्ध कराने की शर्त भी रखी गई है।

महिला पुलिस कर्मियों के भविष्य पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रस्ताव के तहत वर्तमान में कार्यरत अधिसंख्य महिला आरक्षियों के समायोजन के साथ-साथ उनके लिए भविष्य में पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

राज्य सरकार का कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिला पुलिस कर्मियों को सेवा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उनके भविष्य को सुरक्षित एवं उज्ज्वल बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

इस निर्णय से जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों के पुनर्गठन और समायोजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि, प्रस्ताव के तहत उच्चतर पदों के पुनर्गठन और समायोजन से संबंधित आगे की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *