कैबिनेट मंत्री खजान दास बोले—सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान
देहरादून।सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए अब मदद का हाथ बढ़ाने वालों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। केंद्र सरकार की ‘पीएम राहत’ योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.50 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाएगी, जबकि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नेक राहगीर (राह-वीर) को ₹25,000 तक का नकद पुरस्कार दिया जा सकता है।
इन्हीं योजनाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शुक्रवार को देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में सड़क सुरक्षा एवं आपातकालीन उपचार पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री खजान दास और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया।
खजान दास बोले—घायलों की मदद करना हर नागरिक की जिम्मेदारी
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने के लिए समय पर मदद और त्वरित उपचार बेहद जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को संवेदनशीलता और जागरूकता के साथ आगे आना चाहिए, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई जा सके।
उन्होंने कहा कि ‘पीएम राहत’ और ‘राह-वीर’ जैसी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, जिससे आम नागरिक इनकी जानकारी प्राप्त कर सकें और बिना किसी भय या संकोच के जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं।
डीएम बोले—समय पर उपचार ही सच्ची मानव सेवा
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के साथ एक पूरा परिवार जुड़ा होता है। ऐसे में घायल को समय पर उपचार उपलब्ध कराना केवल मानवीय संवेदना ही नहीं, बल्कि जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय मजबूत करने, ई-डीएआर और टीएमएस पोर्टल की प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा अधिक से अधिक अस्पतालों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
गोल्डन ऑवर में मदद करने वाले राह-वीर होंगे सम्मानित
संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है, घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान अस्पताल पहुंचने और समय पर उपचार मिलने से जान बचने की संभावना बढ़ सकती है।
योजना के प्रावधानों के अनुसार, पात्र नेक राहगीर को ₹25,000 तक का पुरस्कार दिया जा सकता है। वहीं, वर्षभर में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चयनित राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर ₹1 लाख की पुरस्कार राशि, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करने का भी प्रावधान बताया गया।
हर घंटे करीब 21 लोगों की मौत, सड़क सुरक्षा पर चिंता
संगोष्ठी में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, देश में प्रतिवर्ष लगभग 5.13 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें करीब 1.83 लाख लोगों की मृत्यु और लगभग 4.6 लाख लोग घायल होते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सड़क हादसों में औसतन हर घंटे करीब 21 लोगों की जान चली जाती है। इनमें 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की हिस्सेदारी भी चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि कम करने के लिए जागरूकता, त्वरित चिकित्सा सहायता, प्रभावी बचाव व्यवस्था और आम नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है।
112 और ऑनलाइन पोर्टल से मिलेगी मदद
कार्यक्रम में आपातकालीन नंबर 112, ई-डीएआर और टीएमएस 2.0 प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने संबंधित विभागों से योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने का आह्वान किया।
संगोष्ठी में महानिदेशक परिवहन अनिल गर्व्याल, निदेशक शिक्षा खड़क सिंह दत्ताल, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा, अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, जिला संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला सहित पुलिस, परिवहन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और सरकारी व निजी अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।
संदेश साफ है—सड़क हादसे के पीड़ित की समय पर मदद करें, क्योंकि आपकी पहल किसी की जिंदगी बचा सकती है।