विशाखापट्टनम से पहुंचे पिता ने कोतवाली में दी तहरीर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मसूरी। मसूरी-टिहरी रोड स्थित टिपडीधार के एक होम स्टे में 15 जून को हुई महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतका पी. राधा गायत्री के पिता सुधाकर ने मसूरी कोतवाली में तहरीर देकर अपनी बेटी की हत्या की आशंका जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) निवासी सुधाकर ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत की सूचना उन्हें उनके दामाद सौम्या श्रीचरण ने फोन पर दी थी। उन्होंने बताया कि फोन पर दामाद ने कहा कि उनकी पुत्री बेहोश पड़ी है, लेकिन जब उन्होंने वीडियो कॉल पर बेटी का चेहरा दिखाने को कहा तो ऐसा नहीं किया गया। इससे उन्हें संदेह हुआ कि उनकी बेटी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी।
सुधाकर का कहना है कि उन्होंने परिजनों के पहुंचने तक शव को न छूने का अनुरोध किया था, लेकिन उनके मसूरी पहुंचने से पहले ही पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए देहरादून भेज दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बेटी का शव देखने तक नहीं दिया गया।
मृतका के पिता ने कहा कि वे हिंदी भाषा नहीं जानते और घटना के समय जिन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, उनकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। उनका कहना है कि अब तक उन्हें किसी एफआईआर की जानकारी या नंबर भी उपलब्ध नहीं कराया गया।
उन्होंने बताया कि निराश होकर वापस आंध्र प्रदेश लौटने के बाद उन्होंने वहां के पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया, जहां उन्हें घटना स्थल मसूरी में ही मुकदमा दर्ज कराने की सलाह दी गई। इसके बाद वे दोबारा मसूरी पहुंचे और कोतवाली में तहरीर सौंपी।
सुधाकर ने दावा किया कि उनकी बेटी शराब का सेवन नहीं करती थी और वह शराब के खिलाफ आवाज उठाती थी। ऐसे में शराब पीने की बात पर उन्हें विश्वास नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि उनकी बेटी को किसी नशीले पदार्थ या अन्य चीज में कुछ मिलाकर दिया गया हो सकता है।
मृतका के पिता ने पुलिस से हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की गहन एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।