विवादित भूमि पर निर्माण रोकने की मांग, 70 साल पुराने कब्जे का दावा

“2013 में फर्जी तरीके से भूमि विक्रय का आरोप, प्रशासन से यथास्थिति बनाए रखने की अपील”

देहरादून। थानो क्षेत्र के रामनगर डांडा स्थित विवादित भूमि प्रकरण ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। भूमि पर अपने पैतृक अधिकार का दावा करते हुए लक्ष्मण सिंह और उनके परिवार ने गुरुवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर प्रशासन से विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उनका परिवार वर्ष 1952 से उक्त भूमि पर खेती-बाड़ी कर रहा है और लगातार कब्जे में रहा है। उनका आरोप है कि वर्ष 2013 में कथित रूप से अनियमित एवं फर्जी तरीके से भूमि का विक्रय संजीव गुप्ता के पक्ष में कर दिया गया, जबकि उस समय भी भूमि पर उनके परिवार का वास्तविक कब्जा था।

उन्होंने कहा कि भूमि के स्वामित्व और कब्जे से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी कर की गई बिक्री के खिलाफ उनके पिता स्वर्गीय संतराम ने वर्ष 2017 में न्यायालय में वाद दायर किया था। हालांकि मुकदमे की कार्यवाही के दौरान उनके पिता का निधन हो गया, जिससे मामला प्रभावी रूप से आगे नहीं बढ़ पाया।

लक्ष्मण सिंह ने बताया कि अब वर्ष 2026 में उन्होंने स्वयं न्यायालय की शरण लेते हुए अपने अधिकारों की रक्षा और न्याय की मांग को लेकर नया वाद दायर किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास राजस्व अभिलेख, कब्जे से संबंधित साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हैं, जिनके आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रशासन से मांग की कि न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण विवादित भूमि की वर्तमान स्थिति को यथावत रखा जाए तथा किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य या अतिक्रमण पर रोक लगाई जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।

लक्ष्मण सिंह ने विश्वास जताया कि न्यायालय उनके परिवार के सात दशक पुराने कब्जे और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए न्याय प्रदान करेगा।

हैडलाइन:
“70 साल पुराने कब्जे का दावा, विवादित भूमि पर निर्माण रोकने की मांग लेकर कोर्ट पहुंचे लक्ष्मण सिंह”

सब-हेडलाइन:
“2013 में फर्जी तरीके से भूमि विक्रय का आरोप, प्रशासन से यथास्थिति बनाए रखने की अपील”

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