???? देहरादून। गर्मियों में बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए हैं कि अब राज्य के सभी स्कूलों में नियमित अंतराल पर “वॉटर बेल” बजाई जाएगी, ताकि छात्र-छात्राएं समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से सुरक्षित रहें।

☀️ हीटवेव से निपटने के लिए सख्त तैयारी
ग्रीष्म ऋतु की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
- स्कूलों के समय में जरूरत अनुसार बदलाव किया जाए
- कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित हो
- ओआरएस, जरूरी दवाइयों और प्राथमिक उपचार की उपलब्धता रहे
- बच्चों को हीटवेव से बचाव की व्यवहारिक जानकारी दी जाए
???? पानी और राहत व्यवस्था पर खास जोर
सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
- जहां पानी की किल्लत हो, वहां निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाई जाए
- बस स्टैंड, बाजार, स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो
- जल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकर और वैकल्पिक आपूर्ति योजना तैयार रखी जाए
???? स्वास्थ्य सेवाएं रहें पूरी तरह तैयार
- अस्पतालों में हीटवेव मरीजों के लिए बेड और समर्पित वार्ड तैयार हों
- एम्बुलेंस में ओआरएस और आइस पैक अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों
- चिकित्सा स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए
???? श्रमिकों और आमजन की सुरक्षा भी प्राथमिकता
- दोपहर के समय भारी कार्य से बचाव
- कार्यस्थलों पर छायादार विश्राम स्थल, पानी और प्राथमिक उपचार की सुविधा
- सार्वजनिक स्थानों पर कूलिंग स्पेस और पानी के प्याऊ स्थापित किए जाएं
⚡ बिजली और अन्य व्यवस्थाओं पर नजर
बढ़ती गर्मी के चलते बिजली की मांग को देखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने को भी कहा गया है।
???? मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि हीटवेव से निपटने के लिए राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक सभी विभागों को समन्वित और सक्रिय रूप से काम करना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
???? निष्कर्ष:
“वॉटर बेल” जैसी पहल बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गर्मी के इस मौसम में बड़ी राहत साबित हो सकती है।