5.25 लाख से ज्यादा मामलों की सुनवाई पूर्ण, शेष मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के निर्देश
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के निर्देशों के क्रम में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची में सामने आए एनोमली, नो मैपिंग, जारी नोटिस तथा दावों-आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई।
5.47 लाख मतदाताओं से जुड़े मामलों में जारी हुए नोटिस थे
बैठक में बताया गया कि देहरादून जिले की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 11,90,805 मतदाताओं का ड्राफ्ट रोल तैयार किया गया है। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में एनोमली तथा 1,52,170 मतदाताओं के नो मैपिंग से संबंधित मामले सामने आए हैं।
दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 5,47,942 मामलों में नोटिस जारी किए गए। इनमें से 5.25 लाख से अधिक मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। यानी जारी नोटिसों के सापेक्ष लगभग 96 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है।
शेष मामलों को समयबद्ध निस्तारित करने के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुनवाई एवं आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि नो मैपिंग एवं एनोमली से जुड़े मामलों में अभिलेखों का समुचित सत्यापन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
दावों-आपत्तियों के 59,978 आवेदन प्राप्त
बैठक में 15 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक प्राप्त प्रारूप-6, 7 एवं 8 के दावों और आपत्तियों की भी समीक्षा की गई। इस अवधि में कुल 59,978 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
- प्रारूप-6: 39,025 आवेदन
- प्रारूप-7: 10,235 आवेदन
- प्रारूप-8: 10,718 आवेदन
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
पात्र मतदाता का नाम प्रभावित न हो
अभिनव शाह ने क्षेत्र में तैनात कार्मिकों के कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली, सीपीआई (एम) से अनंत आकाश, कांग्रेस से सुनील जायसवाल, बसपा से सतेन्द्र सिंह, भीम राव एवं सतेन्द्र चोपड़ा सहित संबंधित ईआरओ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।