“मसूरी में फिर दरकी पहाड़ी, मकानों पर मंडराया खतरा; पानी वाला बैंड बना ‘लैंडस्लाइड जोन’”

देहरादून/मसूरी। लगातार हो रही बारिश के बीच मसूरी के पानी वाला बैंड क्षेत्र में रविवार को पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गिरा, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भूस्खलन की घटना ने पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में बने मकानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

भूस्खलन वाले हिस्से के ऊपर कई मकान बने हुए हैं। ऐसे में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है और पहाड़ी का कमजोर हिस्सा दोबारा खिसकता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। पहाड़ी से लगातार पानी और मलबा नीचे आने की आशंका के चलते स्थानीय लोग भी चिंतित हैं।

पहले भी सामने आती रही हैं भूस्खलन की घटनाएं

पानी वाला बैंड क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता रहा है। बरसात के दौरान यहां पहाड़ी से मलबा आने और सड़क प्रभावित होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल के दिनों में भी भूस्खलन के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ था और सड़क के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान पहाड़ी से पानी के साथ मलबा नीचे की ओर आता है। इससे सड़क पर आवाजाही प्रभावित होने के साथ ही आसपास बने भवनों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना रहता है।

सितंबर 2025 की आपदा की याद हुई ताजा

पानी वाला बैंड की मौजूदा स्थिति ने स्थानीय लोगों को सितंबर 2025 में हुई भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं की याद दिला दी है। उस दौरान भी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा का व्यापक असर देखने को मिला था। इसके बाद से बरसात के मौसम में पानी वाला बैंड क्षेत्र लगातार संवेदनशील बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार बारिश के दौरान यहां भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। उनका आरोप है कि समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है, लेकिन फिलहाल राहत और तत्काल बचाव तक ही कार्रवाई सीमित रह जाती है।

मकानों और मसूरी-देहरादून मार्ग की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पहाड़ी के ऊपर बने मकानों और नीचे से गुजरने वाले मसूरी-देहरादून मार्ग की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। लगातार बारिश के बीच यदि पहाड़ी का और हिस्सा कमजोर होकर खिसकता है तो सड़क पर मलबा आने के साथ आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है।

बारिश के बीच पानी वाला बैंड में सामने आई यह घटना पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के बढ़ते खतरे और संवेदनशील इलाकों में प्रभावी सुरक्षा उपायों की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर है।

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